Khulasa-news


शंघाई समिट में बोले पीएम मोदी- आतंक के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराना जरूरी

modi-min (16)खबरें दुनिया राजनीति सभी 

शंघाई सहयोग सम्मेलन (एससीओ) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संबोधित किया। साथ ही उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुटता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि आतंक का समर्थन करने वालों को जिम्मेदार ठहराना जरूरी है। इसके लिए भारत एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बुलाएगा। मोदी ने गुरुवार को द्विपक्षीय बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने भी आतंकवाद का मुद्दा जोर-शोर से उठाया।

एससीओ में नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच कोई मुलाकात नहीं हुई है। गुरुवार को दोनों नेता किर्गिस्तान के राष्ट्रपति के अनौपचारिक भोज और समिट में साथ आए, लेकिन मोदी ने इमरान की तरफ देखा तक नहीं। भारत कह चुका है कि एससीओ में मोदी और इमरान की बैठक का कोई कार्यक्रम नहीं है। हालांकि मोदी ने पिछले साल चीन में हुई समिट के दौरान तत्कालीन पाक राष्ट्रपति ममनून हुसैन से हाथ मिलाया था।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दिनों श्रीलंका दौरे पर मुझे आतंकवाद के घिनौने चेहरे का स्मरण हुआ। वह आतंक जो कहीं भी प्रकट होकर मासूमों की जान ले लेता है। इस खतरे से निपटने के लिए सभी मानवतावादी ताकतों को अपने संकीर्ण दायरे से निकलकर एकजुट हो जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद को समर्थन और वित्त प्रदान करने वाले देशों को जिम्मेदार ठहराना जरूरी है। एससीओ अधिकारों के तहत सभी देशों को आतंक के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करना चाहिए। भारत आतंकवाद से निपटने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आह्वान करता है।

इसे भी पढ़ें- एससीओ समिट की बैठक में पीएम मोदी ने इमरान खान से नहीं की बात

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे साझा युग को बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत है, पीपुल कनेक्टिविटी पर भी जोर है। एससीओ देशों के पर्यटकों के लिए भारत जल्द ही हेल्पलाइन जारी करेगा। हमारे लिए शांतिपूर्ण और समृद्ध अफगानिस्तान अहम है। एससीओ में अफगानिस्तान का रोडमैप तैयार हुआ है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को 2020 में एससीओ की अध्यक्षता के लिए बधाई।

प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक में आतंकवाद से लड़ाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि पाकिस्तान आतंकवाद मुक्त माहौल तैयार करने के लिए ठोस कदम उठाएगा ताकि दोनों देशों के बीच वार्ता फिर शुरू हो सके।

अधिक जानकारी के लिए खुलासा न्यूज पर करें क्लिक 

Related posts