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कर्नाटक संकट: सुप्रीम कोर्ट बोला- बागी विधायकों को फ्लोर टेस्ट में भाग लेने के लिए नहीं किया जाए बाध्‍य

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कर्नाटक में जारी संकट अब जल्द ही खत्म होता नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (17 जुलाई) को इस मामले में अपना फैसला सुनाया और बागी विधायकों के इस्तीफे पर निर्णय लेने के लिए विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार को खुली छूट दी है। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि फ्लोर टेस्ट में शामिल होने के लिए इस्तीफा दे चुके विधायकों को बाध्य नहीं किया जा सकता।

एचडी कुमारस्वामी सरकार

अब मामला पेचीदा होता जा रहा है क्या कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की एचडी कुमारस्वामी सरकार बच पाएगी या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने गेंद स्पीकर के पाले में डाली है। ऐसे में ना तो विधायकों के इस्तीफे पर फैसला हो पाया और ना ही अयोग्यता पर। ऐसे में ये खेल पूरी तरह से फ्लोर टेस्ट पर ही निर्भर हो गया है। यानी गुरुवार को जो सुपर ओवर ओवर होगा, उससे ही साफ होगा कि कर्नाटक की सियासत का विजेता कौन होगा।

रमेश कुमार 16 बागी विधायकों पर लेंगे फैसला

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार 16 बागी विधायकों पर फैसला लेंगे। इनमें 13 विधायक कांग्रेस और 3 विधायक जेडीएस के हैं। स्पीकर के मुताबिक बागी विधायकों पर इस्तीफा और अयोग्यता का मामला है। ऐसे में इनमें क्या निर्णय लेना है, अदालत ने स्पीकर को छूट दे दी है।

स्पीकर रमेश कुमार अब गुरुवार तक इस पर फैसला कर सकते हैं। अगर विधायकों की योग्यता रद्द होती है तो बागी विधायक इस कार्यकाल के दौरान कोई चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। हालांकि विधानसभा भंग होने के बाद वह चुनाव लड़ सकते हैं। अगर उनका इस्तीफा स्वीकार होता है तो वह फ्लोर टेस्ट के दौरान वोट नहीं कर पाएंगे।

कल होगा फ्लोर टेस्ट

विधानसभा में गुरुवार को फ्लोर टेस्ट होना है। ऐसे में कुमारस्वामी सरकार के सामने बहुमत साबित करने की चुनौती है। जो बागी विधायक इस्तीफे पर अड़े हैं, उनके सामने विकल्प है कि वह फ्लोर टेस्ट के समय विधानसभा में जाएं या नहीं। हालांकि कांग्रेस की तरफ से व्हिप जारी किया गया है, लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद वकील मुकुल रोहतगी ने बताया कि विधायकों पर कांग्रेस का व्हिप लागू नहीं होगा।

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आपको बता दें कि कर्नाटक विधानसभा में कुल 224 सीटें हैं। इनमें कांग्रेस के पास सिर्फ 100 विधायक हैं। जबकि बीजेपी के पास कुल 105 विधायक हैं, इसके अलावा बीजेपी निर्दलीय विधायकों के समर्थन का दावा भी करती है।

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