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कुमारस्‍वामी आज करेंगे कांग्रेस नेताओं से मुलाकात

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कर्नाटक में गठबंधन सरकार पर मंडराते संकट के बीच मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी आज यानी सोमवार को कांग्रेस नेताओं से मिलेंगे। उन्होंने कल अपने पिता और पार्टी सुप्रीमो एचडी देवेगौड़ा, पीडब्ल्यूडी मंत्री और अपने बड़े भाई एचडी रेवन्ना से मुलाकात की और इस्तीफा देने वाले जदएस के बागी विधायकों की बैठक बुलाने के संकेत दिए।

मल्लिकार्जुन खड़गे को बेंगलुरु में तैनात

इस बीच कांग्रेस और जदएस विधायकों के इस्तीफे से विधानसभा में बहुमत खोने के करीब पहुंची कुमारस्वामी सरकार को बचाने के लिए कांग्रेस ने प्रभारी महासचिव केसी वेणुगोपाल के अलावा वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को बेंगलुरु में तैनात किया है।

विधायकों को वापस लाने का जिम्मा

खड़गे और वेणुगोपाल के साथ कर्नाटक में कांग्रेस के सबसे बड़े संकटमोचक रहे कुमारस्वामी सरकार में मंत्री डीके शिवकुमार को एक बार फिर विधायकों को वापस लाने का जिम्मा सौंपा गया है। हालांकि कांग्रेस के संकटमोचक रणनीतिकारों के संपर्क साधने से पहले ही इस्तीफा देने वाले कांग्रेस और जदएस के 10 विधायक बीजेपी के एक राज्यसभा सदस्य की कंपनी के चार्टर्ड विमान से शनिवार रात को ही मुंबई के लिए उड़ गए। सूत्र बताते हैं कि अशोक चव्हाण समेत महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को कर्नाटक के बागी विधायकों से किसी तरह संपर्क साध वापस लाने का प्रयास करने के लिए कहा गया है। लेकिन ये नेता बागी विधायकों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।

विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के 118 विधायक

राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के 118 विधायक हैं, जिनमें स्पीकर के अलावा कांग्रेस के 78 विधायक, जदएस के 37 विधायक, बसपा का एक विधायक और दो निर्दलीय विधायक शामिल हैं। जबकि, भाजपा के 105 विधायक हैं। अगर विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं तो मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी की 13 माह पुरानी गठबंधन सरकार बहुमत खो देगी। स्पीकर रमेश कुमार ने शनिवार को कहा है कि सरकार गिर जाएगी या बरकरार रहेगी, इस बारे में विधानसभा में फैसला होगा। विधानसभा का सत्र 12 जुलाई से शुरू हो रहा है।

कांग्रेस-जदएस कड़े निर्णायक फैसले के विकल्प पर गौर

कांग्रेस के सूत्रों ने कहा है कि नौ जुलाई की बैठक में इस्तीफा देने वाले कांग्रेस विधायक नहीं लौटते हैं तो फिर कर्नाटक की सत्ता सियासत को लेकर कांग्रेस-जदएस कड़े निर्णायक फैसले के विकल्प पर भी गौर कर सकते हैं। इसमें कुमारस्वामी सरकार के औपचारिक रूप से अल्पमत में आने से पूर्व कैबिनेट से विधानसभा भंग करने के प्रस्ताव का भी एक विकल्प होगा।

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सूत्र बताते हैं कि गिरने के कगार पर खड़ी कर्नाटक की कांग्रेस-जदएस गठबंधन सरकार को बचाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस्तीफा देने वाले विधायकों को मनाने के साथ ही धमकाने की कोशिशें हो रही हैं। कांग्रेस ने नौ जुलाई को विधायक दल की बैठक बुलाई है और इसमें शामिल नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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