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ये है ऐसी बीमारी जिसमें इंसान खुद को करता है असुरक्षित महसूस

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आज के समय में शरीर की थकान ही क्यों ना हो नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। क्योंकि ये छोटी सी चीज कब बड़ी बीमारी बन जाए आपको पता भी नहीं लगेगा। कहने का मतलब ये है कि शरीर में किसी भी तरह के लक्षण आपको दिखें भले ही सिरदर्द ही क्यों ना हो, अगर तीन दिन से ज्यादा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि ये किसी बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे ही एक बीमारी है, जिसमें व्यक्ति सोचने समझने की क्षमता खो देता है। जानें क्या हैं ये बीमारी और इसके लक्षण।

मानसिक बीमारी

स्किजोफ्रेनिया एक प्रकार की मानसिक बीमारी है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति सोचने-समझने की क्षमता खो देता है। पीड़ित व्यक्ति वास्तविकता से दूर चला जाता है। ऐसे में पीड़ित व्यक्ति को अजीब सी आवाजें सुनाई देती हैं। उसे ऐसी चीजें दिखाई देती हैं जो वास्तव में होती ही नहीं हैं। इस स्थिति में वह हमेशा डरा-डरा महसूस करता है और एक समय के बाद अवसाद हो जाता है।

आनुवांशिक विविधता

स्किजोफ्रेनिया कई कारणों से हो सकता है, जिनमें आनुवांशिक विविधता, जन्म, गर्भावस्था में मस्तिष्क क्षति होना है। नशा भी एक कारण हो सकता है। तनाव से स्किजोफ्रेनिया और भी ज्यादा बुरा हो जाता है।

भ्रम जैसी स्थिति

स्किजोफ्रेनिया वाले लोगों में भ्रम जैसी स्थिति होती है। वे आंतरिक आवाज सुनते हैं जो कोई और सुन नहीं सकता, इस रोग से ग्रसित व्यक्ति मानते हैं कि अन्य लोग उनका दिमाग पढ़ रहे हैं। उन विचारों को नियंत्रित कर रहे हैं या उन्हें नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहे हैं। झूठी मान्यताओं पर यकीन करते हैं।

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एक रिपोर्ट के अनुसार, एंटीसाइकोटिक दवाएं और पुनर्वास से इलाज हो सकता है। अगर डॉक्टर से सही समय पर सलाह ली जाए तो दवाएं बहुत सुरक्षित होती हैं। इलाज के साथ स्किजोफ्रेनिया वाले अधिकांश लोग एक स्थिर जीवन जी सकते हैं और काम कर सकते हैं।

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